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"के पतिया लय जाओत रे मोरा प्रियतम पासे... " :: kissago.blogspot.com

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पिताजी पटना से मैथिली लोक संगीत की कुछ सीडी लाए थे। उससे पहले मैथिली गीतों में मुझे वो क्लास नजर नहीं आता था या हमने उस क्लास को खोजने की ही कोशिश नहीं की थी। मैथिली के गीतों को मैं एक अरसे के बाद सुन रहा था। दिल्ली में मीडिया की, और वो भी एक अंग्रेजी चैनल की नौकरी आपको किस कदर अपनी जड़ों से काट देने के लिए उकसाती है इसका एहसास मुझे अचानक ही हुआ। मैथिली भक्ति संगीत का वो गाना जो भगवान शिव को समर्पित था-वो इस हद तक क्सासिकल था कि मुझे लगा कि अगर ये बंगाली या कन्नड़ में होता वहां के लोग इसे न्यूयार्क तक बेच आते। लेकिन नहीं, शायद मैथिली, अवधी या ब्रज जैसी भाषाओं को ये नसीब नहीं। वहां का संगीत, वहां का साहित्य और वहां की संस्कृति किस कदर एक स्लो डेथ की तरफ बढ़ रही है इसका विश्लेषण शायद बड़े विमर्श की मांग करता है। जब दुनिया ग्लोबल नहीं हुई थी शायद मेरी भाषा इतनी नीरीह नहीं थी। उसमें काफी दम था, वो खिलखिलाती थी तो लोगबाग जरुर ध्यान देते थे। हिंदुस्तान के सतरंगी बगिया में बंगाली, उडिया, कन्नड़, अवधी और ब्रजभाषा की तरह वो भी एक खूबसूरत फूल थी। लेकिन जमाने ने जब करवट ली तो ये त...

"प्रगतिवादी साहित्यक यात्रामे एकटा नवका इतिहास : “मिथिला मुक्तिके संनेश”" :: majheri.com

प्रगतिवादी कला, संस्कार, सस्कृति आओर जनसाहित्य समाज रुपान्तरके एकटा बहुत भारी नमहर बैचारिक हतियार अइछ । प्रगतिशिल समाजिक जीवन निर्माणमे प्रगतिवादी कला साहित्यके बहुत नमहर भुमकिा रहैत अइछ । गलत संस्कार, संस्कृति आओर बुर्जुवा कला साहित्यके भण्डाफोर करैत जखन नयाँ ढंगके प्रगतिवादी यर्थाथवादी कला, साहित्यमे नवका इतिहास थपैत अइछ तखन हमर मन खुशीसे गदगद होइत अइछ । सामाजवादी यर्थाथवादी कला आ जनसाहित्यक सुन्दरता उपर अहेन निमन निखारल कलमक प्रस्तुतिसे जनसाहित्य दुनियाँमे थप उत्साह और मनोबल पैदा केने अइछ । नेपाली सामाजमे अहेन निमन निखारल कलम अधिकारमे पछाडि परल मधेशके जन्मभुमीसे निकलैत रहत त निश्चित रुपमे नेपाली और मधेशी जनता सबके मुहार फेर सकैत अइछ । भौतिकवादी आओर द्धन्दवादी दृष्टिकोणसे भरल आमुल परिवर्तन लछित अहेन वर्गचेत, वर्गप्रेम जनसाहित्यसे राष्ट्रा आ जनताके दुःख, पिडा, लक्ष्य, उदेश्य, ईच्छा, आकांक्षा, लगयतक सारा चिजके रक्षा करैत अइछ । जखन नेपाली जनताके हरेक क्षेत्र उपर सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनितिक आओर कानुनी रुपमे सेहो एकलौटी सासन चलाबै खातिर राज्यपक्षसे दलबलके प्रयोग कैरके कठिनसेकठिन दमन, शोष...